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अपनी “माँ” के इस बोल्ड सीन को देखकर आँखे फेर लेंगे “सैफ अली खान”, इस फिल्म ने मचाया था कोहराम….

बॉलीवुड के इतिहास में भारत में ऐसी बहुत सी फिल्म बनी हैं जिनमें अश्लील दृश्यों की भरमार है. कई बार ऐसा भी होता है कि फिल्म अश्लीलता से ही भरी होती है और उसका उद्देश्य भी अश्लीलता दिखाना ही होता है. आपने कई बार देखा होगा कि कई फिल्मों में बिना जरुरत के ऐसे-ऐसे बोल्ड सीनस डाल दिए जाते हैं जिसकी ज़रूरत भी नहीं होती है. ऐसा इसलिए भी होता है या होता आया है ताकि फिल्म चर्चा में आ जाएं और सुर्ख़ियों में बनी रहे. आज के समय में अगर कोई एक्ट्रेस बॉलीवुड में डेब्यू करना चाहती है तो उसको भी ऐसी फिल्म और सीन के लिए ऑफर किया जाता है, वो एक्ट्रेस किस्मत वाली होती हैं जिन्हें इस दौर से ना गुजरना पड़े. आज हम आपको एक ऐसी एक्ट्रेस के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका आज के समय में बहुत सम्मान होता है मगर अपने समय में उनके साथ भी ऐसा हुआ था कि शुरूआती करियर में ऐसी फ़िल्में करनी पड़ी थी.

बॉलीवुड में कभी भी दिग्गज कलाकारों की कमी नही रही हैं. बॉलीवुड के इतिहास में ऐसी कई फ़िल्में बनी हैं जो आज भी लोगों का भरपूर मनोरंजन कराती हैं.  आज हम आपको उस अभिनेत्री की फिल्म के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी फिल्म ने सफलता के नये आयाम लिख दिए थे.

9 जुलाई 1975 में आई फिल्म का नाम था”एक महल हो सपनों का”,इस फिल्म में प्रमुख दिवंगत अशोक कुमार थे और पटौदी खानदान की रानी यानी कि सैफ़ अली खान की माँ शर्मिला टैगोर को उनके हुनर की नयी पहचान मिली थी.  आज हम इसी फिल्म का एक ऐसा सीन आपके लिए लाये हैं जिसको देखकर आपके रौंगटे खड़े हो जायेंगे.

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